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Saturday, 4 April 2015

Sunday, 29 March 2015

सुनो - तुम ही थाम लो मुझे... सब ने छोड़ दिया मुझे तुम्हारा समझकर !

सुनो - तुम ही थाम लो मुझे... सब ने छोड़ दिया मुझे तुम्हारा समझकर !

Wednesday, 18 March 2015

तुझे तो हमारी मोहब्बत ने मशहूर कर दिया बेवफ़ा वरना तू सुर्खियों में रहे तेरी इतनी औकात नहीं!

तुझे तो हमारी मोहब्बत ने मशहूर कर दिया बेवफ़ा
वरना तू सुर्खियों में रहे तेरी इतनी औकात नहीं!

Thursday, 19 February 2015

बाग में टहलते एक दिन, जब वो बेनकाब हो गए, जितने पेड़ थे बबूल के सब के सब गुलाब हो गए..!!

बाग में टहलते एक दिन, जब वो बेनकाब हो गए,
जितने पेड़ थे बबूल के सब के सब गुलाब हो गए..!!

क्या हसीन इत्तेफाक़ था तेरी गली में आने का....!! किसी काम से आये थे, !! किसी काम के ना रहे....!!

क्या हसीन इत्तेफाक़ था तेरी गली में आने का....!!

किसी काम से आये थे, !! किसी काम के ना रहे....!!

कागज़ों पे लिख कर ज़ाया कर दूं, मैं वो शख़्स नहीं... वो शायर हुँ, जिसे दिलों पे लिखने का हुनर आता हैं...!

कागज़ों पे लिख कर ज़ाया कर दूं, मैं वो शख़्स
नहीं...

वो शायर हुँ, जिसे दिलों पे लिखने का हुनर आता हैं...!

Wo ro ro kr kahti rhi mujhe nafrat h tumse. . . . Lekin ek bat btao dosto agar nafrat hi thi to wo royi kyu

Wo ro ro kr kahti rhi mujhe nafrat h tumse. . . . Lekin ek bat btao dosto agar nafrat hi thi to wo royi kyu

Wo mili b to khuda k darbaar me. . . Ab tum hi bataao yaaron hm ibadat karte ya mohabbat

Wo mili b to khuda k darbaar me. . . Ab tum hi bataao yaaron hm ibadat karte ya mohabbat

अब मत करो हमसे तुम मोहब्बत की बातें..जिन किताबों से, तुमने मोहब्बत सीखी है, वो लिखी भी हमने ही थी...!!

अब मत करो हमसे तुम मोहब्बत की बातें..जिन किताबों से, तुमने मोहब्बत सीखी है, वो लिखी भी हमने ही थी...!!

चलो मैं मान लेता हूँ कि मुझे मोहब्बत करना नहीं आता, लेकिन तुम ये तो बता दो कि तुम्हे दिल तोड़ना किसने सिखाया.

चलो मैं मान लेता हूँ कि मुझे मोहब्बत
करना नहीं आता,
लेकिन तुम ये तो बता दो कि तुम्हे दिल तोड़ना किसने सिखाया.

Wednesday, 11 February 2015

"वो एक माँ थी। मर कर भी बेटियों के लिये तड़पती है मां ..!!" ये पढ़कर मेरे दिल से आँसू निकल रहे है दोस्तों अगर कोई मुसीबत में है तो उसकी सहायता जरूर कीजिये !

आधी रात को बहुत बारिश हो रही थी।

अजय और उसकी बीवी प्रिया एक मित्र की पार्टी से अपनी गाडी से घर वापस लौट रहे थे..

बारिश की वजह से अजय बहुत धीमी गति से गाड़ी चला रहा था,तभी अचानक बिजली गिरी..

बिजली की रोशनी में अजय को गाड़ी के सामने एक बदहवास सी एक औरत दिखाई दी..

अजय ने गाड़ी रोक दी..!

गाड़ी रुकने पर उसकी बीवी ने कहा :- क्या हूआ..? गाड़ी क्यों रोक दी..?

अजय ने आगे की ओर इशारा किया।

प्रिया ने आगे देखा तो वो डर गयी, क्यों कि गाड़ी के सामने एक औरत खड़ी थी।

वो औरत गाड़ी के पास आयी, और हाथ से गाड़ी का शीशा नीचे करने का इशारा करने लगी।

अजय की बीवी प्रिया काफी डर गयी थी, उसने अजय को गाडी चलाने को कहा, लेकिन गाड़ी भी स्टार्ट नही हुईं।

गाड़ी के बाहर खडी औरत बारिश की वजह से भींग गयी थी।

वो हाथ जोडकर गाड़ी का शीशा नीचे करने का इशारा कर रही थी।

अजय को लगा कि वो औरत किसी मुसीबत मे है, इसलिए उसने गाड़ी का शीशा नीचे किया।

वो औरत हाथ जोडकर बोली, "भाई साहब मेरी मदद करे.. तेज बारिश की वजह से मेरी गाड़ी का एक्सीडेंट हो गया है, मेरी गाड़ी रास्ते के नीचे गिर गयी है, उसमें मेरी छोटी बच्ची है.. प्लिज उसे बचाईये..।"

अजय गाड़ी से उतरा और उस औरत के पीछे गया।

उस औरत की गाड़ी रास्ते के काफी नीचे गिर गयी थी।

अजय नीचे उतरकर उस गाडी केपास गया तो देखा कि उसमें एक प्यारी छोटी सी फूल सी बच्ची रो रही है..

उसने बच्ची को बाहर निकाला, फिर अजय को लगा की ड्रायवर की सीट पर भी कोई है।

जब अजय ने ड्रायवर की सीट पर देखा तो उसके होश उड गये,क्योंकि ड्रायवर के सीट पर वही औरत खून से लथपथ मरी पडी थी।

अजय को अब सब समझ में आया।

वो बच्ची को लेकर अपनी गाड़ी के पास आया,बच्ची को अपनी बीवी प्रिया को दिया।

उसकी बीवी बोली, "वो औरत कहा है..? वह कौन थीं...?"

अजय बोला
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"वो एक माँ थी। मर कर भी बेटियों के लिये तड़पती है मां ..!!"

ये पढ़कर मेरे दिल से आँसू निकल रहे है दोस्तों अगर कोई मुसीबत में है तो उसकी सहायता जरूर कीजिये

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Saturday, 7 February 2015

Monday, 26 January 2015

कभी संभले तो कभी बिखरते नज़र आये हम, ज़िंदगी के हर मोड़ पर ख़ुद में सिमटते आये हम... यू तो ज़माना कभी ख़रीद ही नहीं सकता मुझे, मगर प्यार के दो लफजो से सदा बिकते आये हम !!!

कभी संभले तो कभी बिखरते नज़र आये हम,
ज़िंदगी के हर मोड़ पर ख़ुद में सिमटते आये हम...

यू तो ज़माना कभी ख़रीद ही नहीं सकता मुझे,
मगर प्यार के दो लफजो से सदा बिकते आये हम !!!

Sunday, 28 December 2014

एक लफ्ज़ में गर ज़िंदगानी करनी हो बयाँ, उनके (नाम) से बेहतर कोई लफ्ज़ नहीं है।

एक लफ्ज़ में गर ज़िंदगानी करनी हो बयाँ,
उनके (नाम) से बेहतर कोई लफ्ज़ नहीं है