पेशावर में घटी ह्रदय विदारक घटना पर विरोध स्वरुप कुछ पंक्तियाँ।
दूध पिलाते थे नागों को
भारत पर चढ़ जाने को
आतंकी पैदा करते थे
दहशत को फ़ैलाने को
पाकिस्तान तेरी करनी का
फल बच्चों ने भोगा है
दोहरे चेहरे वाले जालिम
उतरा तेरा चोगा है
इसी बेल को पाल पास कर
तूने कितना बड़ा किया
हर आतंकी को अपनाया
अपना अड्डा खड़ा किया
आज तुझे ही डस डाला
तेरे ही पाले साँपों ने
पैरों तले कुचल डाला
तेरे आतंकी बापों ने
देख जरा उस पीड़ा को
जो हर ह्रदय में उठती है
सूंघ जरा उस बदबू को
जो मरे शवों से उठती है
यूँ ही लोग मरे थे जब
तुमने मुम्बई दहलाया था
गोली की आवाजों से जब
अक्षरधाम गुंजाया था
संसद पर हमला हो या
कई बारों के बम के विस्फोट
अफज़ल गुरु कसाब भेजकर
कितनी गहरी दी है चोट
फिर भी तेरे दुःख में जालिम
तेरे साथ खड़े हैं हम
आतंकवाद से लड़ जाने को
खुलकर आज अड़े हैं हम
बात समझ आ पाई हो तो
अब ये दहशत बंद करो
भाड़े के आतंकी रोको
अब ये वहशत बंद करो
वरना एक दिन तुम डूबोगे
सारे मारे जाओगे
अपनी करनी के कारण तुम
जीवन भर पछताओगे।।
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Thursday, 18 December 2014
पेशावर में घटी ह्रदय विदारक घटना पर विरोध स्वरुप कुछ पंक्तियाँ।
Wednesday, 17 December 2014
#Peshawar हमले पर... एक श्रधांजलि! और बजा मत बीन अब, काँप सपेरे काँप! तेरे बच्चे डस गया, तेरा पाला साँप! #PeshawarAttack #PeshawarSiege
#Peshawar हमले पर... एक श्रधांजलि!
और बजा मत बीन अब, काँप सपेरे काँप!
तेरे बच्चे डस गया, तेरा पाला साँप!
#PeshawarAttack #PeshawarSiege
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